अगले साल भी बनी रहेगी आईपीओ की धूम

वर्ष 2017 आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) इक्विटी बाजार के लिए बेहतर वर्ष रहा और अगला साल भी इस संदर्भ में बेहतर रह सकता है। स्विटजरलैंड की वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी यूबीएस की भारतीय इकाई में निवेश बैंकिंग के प्रबंध निदेशक अनुज कपूर ने समी मोडक के साथ इन मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

यूबीएस निवेश बैंकिंग के लिए 2017 कैसा रहा?

यह वर्ष न सिर्फ आईपीओ के संदर्भ में अच्छा रहा बल्कि इसमें कई बड़े सौदे (बड़ी इक्विटी शेयर बिक्री) दर्ज किए गए। यह वह क्षेत्र है जिसमें हमने दूसरे बैंकों की तुलना में स्वयं के लिए खास पहचान बनाई है। हमारे ग्राहक और हम मानते हैं कि बाजार में दूसरों के मुकाबले हम इसे बेहतर ढंग से कर सकते हैं, क्योंकि हम मजबूत इक्विटी फ्रेंचाइजी और भारतीय बाजारों को समझने की शक्ति से संपन्न हैं। हम इस साल इक्विटी लीग की तालिका में दूसरे पायदान पर हैं। इस साल हमने जो विशेष सौदा किया वह कतर फाउंडेशन के लिए भारती एयरटेल में किया। इसके अलावा भारती इन्फ्राटेल के लिए भी बड़े सौदे किए। ये सभी लेनदेन हार्ड-अंडररिटन थे, जो भारत में सामान्य नहीं हैं।

यूबीएस के लिए आईपीओ बाजार कैसा रहा?

पिछले साल हमने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के आईपीओ का प्रबंधन किया। इस साल हम एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ आईपीओ का हिस्सा रहे हैं। मौजूदा समय में आईपीओ का प्रवाह बेहद मजबूत है। हम मौजूदा समय में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस और सीएमएस के लिए मार्केटिंग कर रहे हैं। नए साल में हम इन ट्रांजेक्शन के लिए समय-सीमा पर विचार करेंगे। हम कल्याण ज्वैलर्स के आईपीओ पर भी काम कर रहे हैं। हमने अन्य तीन-चार आईपीओ पर भी काम शुरू किया है, जो सार्वजनिक क्षेत्र से नहीं हैं। बाजारों की स्थिति और आईपीओ प्रवाह को देखते हुए 6-7 आईपीओ बेहद मजबूत दिख रहे हैं। हम ये सौदे हासिल करने को लेकर बेहद गंभीर हैं। भविष्य में भी हम पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के तौर पर सौदों का समावेश चाहते हैं। यह हमारा मुख्य क्षेत्र रहेगा। इस साल, हमने अपोलो टायर्स के लिए एक क्यूआईपी किया, लेकिन भविष्य में यह हमारे मुख्य फोकस एरिया में शामिल रहेगा।

क्या 2018 में बिक्री 2017 की तुलना में अधिक रहेगी?

जहां तक भारत का सवाल है, आईपीओ के लिए बिक्री इस साल 12 अरब डॉलर से अधिक रही। यह पिछले 6 वर्षों के लिए संयुक्त बिक्री की तुलना में अधिक है। अगले साल के बारे में सही आंकड़ा बताना मुश्किल है, लेकिन यदि बाजार में मौजूदा हालात बने रहे तो वर्ष 2018 भी आईपीओ के लिए व्यस्त और आकर्षक रहेगा। हमारा मानना है कि आईपीओ के संदर्भ में हम अगले साल 2017 की तुलना में आसानी से अधिक संख्या में आईपीओ दर्ज करेंगे। लेकिन यह देखने की जरूरत होगी कि बाजार में इनका प्रदर्शन कैसा रहता है।

क्या आप पूंजी उगाही की स्थिति में किसी तरह के बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं?

मेरा मानना है कि वित्तीय पत्र कुल आपूर्ति में एक-तिहाई से अधिक का योगदान देंगे। हम बैंकों और एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) द्वारा कई क्यूआईपी देखेंगे। इसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है। हमने आईपीओ पार्टी में रियल एस्टेट को शामिल होते अभी नहीं देखा है, लेकिन अगले साल यह देखने को मिल सकता है। रियल एस्टेट बाजार पिछले कुछ वर्षों से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है, लेकिन रेरा (इस क्षेत्र के लिए नए नियामकीय कानून) के बाद कुछ संगठित और बड़ी कंपनियां स्वयं की पहचान मजबूत बनाने में सक्षम होंगी। लेकिन निजी क्षेत्र में पूंजीगत खर्च चक्र में अभी भी अपेक्षित तेजी नहीं आई है और इसमें जल्द किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं दिख रही है।

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