विदेश दौरे पर PM नरेंद्र मोदी ने खर्च किए 2,021 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 55 महीने के कार्यकाल के दौरान विदेशी दौरों पर हुए खर्च का ब्योरा देखा जाए तो मई 2014 से प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके अब तक के विदेश दौरे पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं. मोदी की विदेश यात्रा के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर कुल 2,021 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में आए 4 साल और 7 महीने हो चुके हैं और इस दौरान उन्होंने कई कीर्तिमान भी बनाए हैं. अगले कुछ महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले वह अगर दो देशों का दौरा करते हैं तो बतौर प्रधानमंत्री सबसे ज्यादा दुनिया के अन्य देशों की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे.

इंदिरा गांधी ने बतौर भारतीय प्रधानमंत्री सबसे ज्यादा 113 देशों की यात्राएं की थी. जहां तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सवाल है तो उन्होंने कुल 92 देशों (एक ही देश की दोबारा यात्रा भी शामिल) की यात्राएं की हैं और वह महज एक यात्रा से मनमोहन सिंह से पीछे हैं. मोदी के पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह ने अपने प्रधानमंत्रीत्व कार्यकाल में 93 देशों (एक ही देश की दोबारा यात्रा भी शामिल) की यात्राएं की थी.

हालांकि नरेंद्र मोदी और मनमोहन सिंह के बीच विदेश यात्राओं में बड़ा अंतर यह है कि मनमोहन सिंह ने अपने 10 साल के 2 कार्यकाल के दौरान 93 देशों की यात्राएं की थी, जबकि मोदी ने अपने साढ़े 4 साल के कार्यकाल में कुल 92 देशों की यात्राएं कर चुके हैं. जबकि इंदिरा गांधी ने अपने 15 साल के कार्यकाल के दौरान 113 देशों की यात्राएं की थी.

चार्टर्ड उड़ान पर ज्यादा खर्च

प्रधानमंत्री मोदी के 55 महीने के कार्यकाल के दौरान विदेशी दौरों पर हुए खर्च का ब्योरा देखा जाए तो मई 2014 से प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके अब तक के विदेश दौरे पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं. सरकार की ओर से संसद में जो जानकारी दी गई है उसके हिसाब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर कुल 2,021 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. बतौर पीएम उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा जून 2014 में की थी.

प्रधानमंत्री मोदी (5 साल से कम) की तुलना में अपने दूसरे कार्यकाल में मनमोहन सिंह के 50 विदेश दौरे के दौरान 1,350 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह की ओर से यह जानकारी दी गई. उन्होंने राज्यसभा में जवाब के तहत साल 2009 से लेकर 2018 तक भारतीय प्रधानमंत्री के विदेश दौरों का सिलसिलेवार खर्च की जानकारी दी. 2009 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ था. मोदी ने मनमोहन सिंह की तुलना में ज्यादा विदेश यात्राएं की और दूसरे देशों में रहे.

अगर मोदी के 92 देशों के दौरे के दौरान 2,021 करोड़ रुपये खर्च के आधार पर देखा जाए तो उनके हर एक देश के दौरे पर औसतन 22 करोड़ रुपये खर्च हुए. हालांकि दूसरे कार्यकाल के दौरान मनमोहन सिंह की 50 देशों की यात्रा पर 1,350 करोड़ खर्च हुए यानी हर देश की यात्रा पर औसतन 27 करोड़.

मोदी की सबसे महंगी यात्रा

प्रधानमंत्री ऑफिस (पीएमओ) के सूत्रों ने बताया कि मोदी की विदेश यात्राएं छोटी रही हैं. राज्यसभा से मंत्री की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक मोदी की विदेश यात्रा पर सबसे ज्यादा खर्च 9 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2015 तक की 9 दिवसीय फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा पर आया था. इस यात्रा पर लिए गए चार्टर्ड फ्लाइट पर 31.25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.

इसके बाद 11 नवंबर से 20 नवंबर, 2014 के बीच म्यामांर, ऑस्ट्रेलिया और फीजी की यात्रा पर 22.58 करोड़ खर्च आया जो उनकी दूसरी सबसे महंगी विदेश यात्रा रही.

मनमोहन की सबसे महंगी विदेश यात्रा

जबकि मनमोहन सिंह की सबसे महंगी विदेश यात्रा 16 जून से 23 जून, 2012 के दौरान मैक्सिको और ब्राजील की यात्रा पर हुई जिसमें 26.94 करोड़ खर्च हुए. इस दौरे के दौरान जी-20 और रियो +20 सम्मेलन में उन्होंने हिस्सा लिया था.

मोदी ने अपनी विदेश यात्राओं के दौरान 480 समझौतों और एमओयू पर हस्ताक्षर किए. विदेश यात्राओं के लिहाज से मोदी के लिए 2015-16 का साल बेहद व्यस्त रहा क्योंकि उन्होंने उस साल 24 देशों की यात्राएं की. इस साल मोदी ने अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी और कनाडा का दौरा किया था. 2016-17 और 2018-19 (अब तक) उन्होंने 18 देशों, 2017-18 में 19 देशों की यात्राएं की, जबकि अपने कार्यकाल के पहले साल में 13 देशों की यात्राएं की.

1949 में पहली बार विदेश यात्रा पर गए नेहरू

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जो खुद गुट निरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) और आजादी के बाद वैश्विक स्तर के नेता थे, लेकिन उन्होंने 1947 से 1962 के बीच 68 देशों की यात्राएं की थी. उनकी पहली विदेश यात्रा 1949 में हुई जब वह 11 से 15 अक्टूबर तक अमेरिका के दौरे पर गए.

इंदिरा गांधी ने अपने 15 साल के कार्यकाल के दौरान 119 देशों की यात्राएं की. जबकि पहले विदेश मंत्री और फिर प्रधानमंत्री बनने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान 48 देशों की यात्राएं की.

देश के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जो 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी, 1980 तक प्रधानमंत्री रहे, लेकिन इस दौरान वह किसी भी विदेश दौरे पर नहीं गए.

 

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