देहरादून में मौत बनकर खड़े हैं ये गिरासू भवन

देहरादून, : दून के गिरासू भवन मौत बनकर खड़े हैं, मगर नगर निगम है कि इस बात की सुध ही नहीं ले रहा। वर्ष 2013 की आपदा के बाद इस बात की कवायद शुरू की गई थी कि हादसे से पहले ही गिरासू भवनों को गिरा दिया जाए। हालांकि मामला ठंडा पड़ने के बाद निगम भी पुराने ढर्रे पर लौट गया। सोमवार को पुरानी तहसील के पास गिरासू भवन का ऊपरी हिस्सा ढहने के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं।

नगर निगम ने खुद स्वीकार किया था शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब 48 गिरासू भवन चिह्नित किए गए हैं। निगम ने यह भी माना था कि इन्हें जल्द गिराया जाना जरूरी है, क्योंकि भारी बारिश व आंधी के दौरान ये स्वयं भी गिर सकते हैं। क्योंकि इन भवनों को बने सौ साल तक का समय हो गया है और इस दौरान इनकी मरम्मत भी नहीं की जा सकी। ऐसे में भवन बेहद जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं।

ज्यादातर की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई इसलिए नहीं चल पा रही कि इनके मामले या तो अदालतों में लंबित हैं, या फिर इनमें मकान मालिक एवं किरायेदार के बीच विवाद चल रहा है। हालांकि वाद निस्तारण की दिशा में नगर निगम भी लापरवाह बना है, जिससे ऐसे भवन मौत बनकर खड़े हैं। दूसरी तरफ भवन खाली कराने के गेंद जिला प्रशासन के पाले में भी डाली गई है, मगर प्रशासन के स्तर पर भी इस बात का संज्ञान नहीं लिया जा रहा।

गिरासू भवनों को ध्वस्त करने के लिए मकान मालिक खुद नगर निगम पहुंचने लगे हैं। दिल्ली नवासी सुधा शर्मा और उनकी दून निवासी बहन अर्चना ने काफी समय पहले नगर निगम से अपने गिरासू भवन को ध्वस्त करने की मांग की थी, जो कि अब तक भी लंबित है। शिकायत में बताया गया था कि कौलागढ़ में उनका पुराना भवन है, जिसे निगम ने गिरासू घोषित कर रखा है। भवन में कुछ किरायेदार रहते हैं, जो उसे खाली करने के लिए लाखों रुपये की मांग कर रहे हैं। ऐसे ही तमाम विवाद के आगे निगम घुटने टेके बैठकर हादसे का इंतजार कर रहा है।

यहां खड़े हैं खतरे

तहसील चौक, राजा रोड, कनाट प्लेस, तिलक रोड, आढ़त बाजार, झंडा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, मोती बाजार, घोसी गली, धारा चौकी के पास आदि।

विजय कुमार जोगदंडे (नगर आयुक्त) का कहना है कि गिरासू भवनों की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। देखा जाएगा कि भवनवार क्या अड़चन है। जल्द ऐसे मामलों का निस्तारण कर भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

तहसील बाजार में भरभरा कर गिरा गिरासू भवन

पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार बारिश के कारण सोमवार सुबह तहसील बाजार में स्थित एक पुराने भवन का ऊपरी हिस्सा भरभरा कर गिर गया। शुक्र रहा कि बिल्डिंग सुबह के समय गिरी, नहीं तो यहां बड़ा हादसा हो सकता था। उधर, कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। बिल्डिंग पंजाब एंड सिंध बैंक की बताई जा रही है और इसे गिरासू भवन की श्रेणी में रखा गया था।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब पांच बजे कोतवाली नगर पुलिस को सूचना मिली कि तहसील बाजार में एक बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल गिर गई है। बिल्डिंग गिरने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया और यातायात सुचारू कराया। कोतवाल बीबीड़ी जुयाल ने बताया कि  यह इमारत पंजाब एंड सिंध बैंक की है। पूर्व में यहां पर बैंक चलता था। लेकिन जर्जर होने के कारण बैंक यहां से शिफ्ट हो गया था। भवन कई साल से खाली पड़ा है। इस भवन को गिरासू की श्रेणी में रखा गया था। इस संबंध में भवन के बाहर नोटिस भी चस्पा है।

हो सकता था बड़ा हादसा

तहसील बाजार में आठ बजे के बाद से दुकानें खुलनी शुरू का जाती हैं। इसके बाद यहां भीड़ भी बढ़ जाती है। बिल्डिंग के ठीक नीचे सब्जी की दुकानें लगती हैं। बिल्डिंग सुबह करीब पांच बजे गिरी। इस दौरान वहां आसपास कोई मौजूद नही था। अगर, दोपहर या शाम को बिल्डिंग गिरती को यहां बड़ा हादसा हो सकता था।

 

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