आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की डिग्री फर्जी !

मुंबई। देश में फर्जी डिग्री बेचने वाली कई शैक्षणिक संस्थाएं कुकरमुत्ते की तरह उभर रही हैं। बोगस डिग्री देने और लेने वालों की साठगांठ रोकने में सरकार नाकामयाब हो रही है। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावडे सहित कई मंत्रियों ने बोगस यूनिवर्सिटी से डिग्री प्राप्त की है। ‘दबंग दुनिया’ को मिले दस्तावेज से यह भी पता चला है कि कथित आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और स्वामी नित्यानंद ने भी बोगस डिग्री खरीदी है।

खुद को अध्यात्मिक गुरु बताने वाले श्री श्री रविशंकर देश ही नहीं विश्व में अध्यात्म का संदेश देते हैं। विश्व भर में उनके करोड़ों अनुयायी हैं। इसके बावजदू श्री श्री रविशंकर ने श्रीलंका सरकार द्वारा फर्जी घोषित ‘द ओपन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन श्रीलंका’ से डिग्री प्राप्त की है। इनके साथ ही तमिलनाडु के तथाकथित गुरु स्वामी नित्यानंद ने भी यहीं से फर्जी डिग्री हासिल की है। सूत्रों की मानें तो डिग्री लेने के लिए श्री श्री रविशंकर और नित्यानंद ने लाखों रुपए इस बोगस यूनिवर्सिटी को दिया है। श्री श्री रविशंकर द्वारा इस यूनिवर्सिटी से डिग्री लिए जाने के बाद उनके अनुयायी भी उनके कदमों पर चलते हुए इस यूनिवर्सिटी से डिग्री ले रहे हैं।

आईबीएमएस का मुख्यालय आंध्र प्रदेश में है। इसने देशभर में अपने सेंटर खोले हैं। हर राज्य में उसके सैकड़ो सेंटर हैं। हर राज्यों में उसे मुख्यालय बताया जाता है। इसी तरह महाराष्ट्र में भी उसके सैकड़ों सेंटर हैं। यह इंस्टीट्यूट ‘द ओपन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन श्रीलंका’ से एफिलेटेट है। इस यूनिवर्सिटी को श्रीलंका सरकार ने फर्जी घोषित किया है।

श्रीलंका के यूजीसी में इस यूनिवर्सिटी का नामोनिशान नहीं है। इसकी शिकायत राज्य के शिक्षण विभाग और पुलिस से की गई है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो है, लेकिन शिक्षा विभाग आंख मूंदे बैठा है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी फर्जी डिग्री के लेन-देन पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। इसके कारण राज्य में इस तरह के फर्जी इंस्टीट्यूट खुलेआम चल रहे हैं।

श्रीलंका सरकार द्वारा फर्जी घोषित ‘द ओपन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन श्रीलंका’ से नेपाल सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक राज जोशी ने भी डिग्री हासिल की है। इसकी शिकायत पुणे के रहने वाले अभिषेक हरिदास ने नेपाल सरकार से की है।

‘द ओपन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन श्रीलंका’ को पाकिस्तान सरकार द्वारा लगाम लगाते हुए फर्जी घोषित किया गया है। इसके बाद से पाकिस्तान में इस यूनिवर्सिटी को पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है। दुर्भाग्य है कि भारत में अभी तक इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसके कारण सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि पाकिस्तान जैसा देश फर्जी यूनिवर्सिटी के खिलाफ कदम उठा सकता है, तो भारत में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया जा सकता?

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अभिषेक हरिदास कहते हैं- देश और राज्य का शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। इस तरह की फर्जी यूनिवर्सिटी के खिलाफ पाकिस्तान कदम उठा सकता है, तो भारत क्यों नहीं उठा सकता। भारत के शिक्षा विभाग मंत्री और अधिकारी अभी भी आंख मूंदकर बैठे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुचेकर कहते हैं- अभी तक इस तरह के 40 फर्जी इंस्टीट्यूट के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारी इन फर्जी यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट को शरण दे रहे हैं। इसके कारण देशभर में फर्जी डिग्री के कारखाने खुल रहे हैं।

About News Trust of India

News Trust of India न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ăn dặm kiểu NhậtResponsive WordPress Themenhà cấp 4 nông thônthời trang trẻ emgiày cao gótshop giày nữdownload wordpress pluginsmẫu biệt thự đẹpepichouseáo sơ mi nữhouse beautiful