उत्तराखंड के CM समेत मंत्रियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्यौरा

उत्तराखंड में एक आरटीआई ने डबल इंजन सरकार के ज़ीरो टॉलरेंस के दावे की हवा निकाल दी है. दरअसल आरटीआई से पता चला है कि मुख्यमंत्री समेत 54 विधायकों ने विधानसभा सचिवालय को अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है. मज़ेदार बात यह है कि कांग्रेस इस बात को मुद्दा ही नहीं बना सकती क्योंकि नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है. यानि हमाम में सब नंगे हैं.

राज्य में डबल इंजन की सरकार के मुखिया सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत लगभग हर भाषण में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कारगर अभियान की बात करते हैं तो कांग्रेस लोकायुक्त बिल पास न करने के चलते सरकार की मंशा पर सवाल उठाती है और दावा करती है कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ दरअसल वही गंभीर है. लेकिन आंकड़े कुछ और कहते हैं.

काशीपुर निवासी RTI कार्यकर्ता नदीमुद्दीन ने विधानसभा के लोक सूचना अधिकारी से उत्तराखंड के मंत्रियों विधायकों के सम्पत्ति विवरण संबंधी सूचना मांगी थी तो उन्हें पता चला कि सिर्फ़ 17  विधायकों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया है. संपत्ति का ब्यौरा न देने वालों में मुख्यमंत्री समेत 7 मंत्री और नेता प्रतिपक्ष भी हैं.

उत्तर प्रदेश मंत्री और विधायक (आस्तियों तथा दायित्वों का प्रकाशन) अधिनियम 1975 की धारा 3 के अनुसार मंत्रियों तथा विधायकों को नियुक्त या निर्वाचित होने के तीन माह के अन्दर विधानसभा सचिव को अपनी सम्पत्ति दायित्वों का विवरण देना होगा. इसके बाद धारा 4 के अनुसार हर साल 30 जून तक सम्पत्ति, प्राप्ति और खर्च व दायित्वों का विवरण देना होता है.

 सूचना के अधिकार नियम के अनुसार तीन कैबिनेट मंत्रियों समेतत सिर्फ़ 17 विधायकों ने अपने सम्पत्ति विवरण विधानसभा सचिवालय को दिए है. इनमें भी केवल 7 ही ने सम्पत्ति का विवरण निर्धारित अवधि  30 जून, 2017 तक दिया था.

संपत्ति का ब्यौरा न देने वालों में सबसे ख़ास नाम है मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का जो सूची में 17वें नंबर पर हैं. 35वें नंबर पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत, 18वें नंबर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, 48वें नंबर पर विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, 10वें नंबर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, 40वें पर महिला कल्याण राज्यमंत्री रेखा आर्य, 31वें नंबर पर सहकारिता उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉक्टर धनसिंह रावत और 44वें नंबर पर नेता प्रतिपक्ष इन्दिरा हृदयेश हैं.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी कहते हैं कि विधायकों का दायित्व है कि वह अपनी सम्पति का विवरण विधानसभा को दें. मथुरा दत्त जोशी के मुतबिक इस नियम का अनुपालन विधायकों को  करना चाहिए.

लेकिन बीजेपी को इसमें कुछ ग़लत नज़र नहीं आता. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी कहते हैं कि सम्पत्ति का विवरण चुनाव लड़ने से पहले चुनाव आयोग में जमा कर दिया जाता है इसलिए सरकार  और विधायकों की नीयत पर सवाल उठाना ठीक नहीं है. हालांकि वह दावा करते हैं कि जल्द ही सभी पार्टी विधायक अपनी सम्पति का विवरण दे देंगे.

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