संपादकीय

गौरेया पक्षी के अस्तित्व पर मंडरा रहा संकट

घरों के आसपास रहने वाली गौरैया अब दिखाई नहीं देती. इस छोटे से खूबसूरत पक्षी का कभी इंसान के घरों में बसेरा हुआ करता था. लेकिन अब स्थिति बदल गई है. गौरैया के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कहीं-कहीं तो अब ये बिल्कुल भी दिखाई नहीं देती.  विलुप्त होती गौरैया के बारे में जब पक्षी विशेषज्ञ से ...

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बाल मजदूरों की सुध कौन लेगा सरकार ? 

(मोहन भुलानी ) इंसान की जिंदगी का सबसे हसीन पल होता है बचपन। न किसी बात की चिंता, न कोई जिम्मेदारी। बस हर समय अपनी धुन में खोए रहना। खेलना, कूदना और पढ़ना। लेकिन सभी का बचपन एक जैसा नहीं होता। बाल मजदूरी एक ऐसी समस्या है, जिससे बचपन और जिंदगी, दोनों खत्म हो जाते हैं। आज दुनिया भर में ...

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हिन्दू नववर्ष में निरोगी रहने का अचूक रामवाण औषधि

नव संवत्सर के रूप में नया वर्ष छह अप्रैल 2019 को प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहों की रचना देखने से पता चलता है कि आकाशीय ग्रह मंडल में पिता और पुत्र का राज चलेगा। बेटा राजा बनेगा और राजा बनते ही बेटा पिता को अपना मंत्री बना लेगा। ज्योतिष में संवत के पहले से दसवें दिन तक एक विशेष प्रकार की ...

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गूगल और फेसबुक के साथ इस शख्स ने किया 1 अरब रुपये का फ्रॉड

दुनिया की दो बड़ी कंपनी गूगल और फेसबुक को एक शख्स ने 1 अरब रुपये से ज्यादा का चुना लगाया है. लताविया के एक शख्स ने फेसबुक और गूगल से 122 मिलियन डॉलर की ठगी की है. बोइंग बोइंग की एक रिपोर्ट के मुताबिक लताविया के रहने वाले एवलादस नाम के एक शख्स ने गूगल से 23 मिलियन डॉलर और ...

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जमीन पर संघर्ष करने वालों में विकल्प क्यों नहीं दिखता..?

(प्रदीप सती, पत्रकार एवं सामाजिक चिंतक) रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल के पहले चुनाव लड़ने और फिर इनकार के बाद देख रहा हूं कि सोशल मीडिया में प्रतिक्रियाओं का रेला आया हुआ है. बहुत से लोग कर्नल साहब के इस फ़ैसले को ‘विकल्प की आखिरी उम्मीद का टूटना’ कह रहे हैं, तो बहुत से विद्वान साथी इसे दूरदृष्टि भरा उचित फैसला ...

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हम उत्तराखण्ड की राजनीति में अवतार का इंतज़ार क्यों करें?

(मनु पंवार, टेलीविज़न पत्रकार ) पता नहीं यह कितना व्यावहारिक है, लेकिन अरसे से मैं एक सपना देख रहा हूं. पहाड़ के लिए सोचने, समझने वाले लोग मिलके क्या एक काम कर सकते हैं. क्या हम अलग-अलग लडाइयों के बजाय यूकेडी को ही रिवाइव करने के बारे में सोच सकते हैं? एकदम प्रोफेशनल अंदाज में. यूकेडी के मौजूदा नेताओं को ढंग ...

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कैसे डूब गया अनिल अंबानी का पूरा साम्राज्य?

अनिल अंबानी के साम्राज्य के पतन की हर तरफ चर्चा हो रही है. 10 साल पहले दुनिया के सबसे अमीर शख्सियत में से एक रहे अनिल अंबानी की एरिक्सन कंपनी की देनदारी ना चुकाने पर जेल जाने तक की नौबत आ गई. कई प्रतिद्वंद्वियों का कहना है कि अनिल अंबानी बेहद महत्वाकांक्षी थे जबकि अनिल अंबानी के समर्थन में खड़े ...

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सरकारें बदलीं पर नहीं बदली कूड़ा बटोरने वालों की किस्मत

नैनीताल : मौसम खराब है। सुबह से घर से निकले हैं। नालों में जैसे-तैसे घुसकर प्लास्टिक, गत्ते, कपड़ों को चुन-चुन कर बड़ा ढेर जमा किया है। अब चिंता है कि यह ढेर कैसे घर पहुंचे, जिसे बेचकर खुद की तथा बच्चों की परवरिश हो सके। तमाम झंझावतों के बीच लोकतंत्र के प्रति इतनी आस्था कि वोट तो हर बार दिया है, ...

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सरकार क्यों जानना चाहती है डाक्टरों की धर्म और जाति !

दिल्ली के औल इंडिया इंस्टीट्यूट औफ मैडिकल साइंसेज ने हाल में डाक्टरों का डाटाबेस बनाने के लिए एक फार्म बंटवाया ताकि डाक्टरों के सही नाम, पते, फोन नंबर आदि जमा करे जा सकें. इस में धर्म और जाति के भी कालम थे और इस पर जम कर हंगामा खड़ा हो गया. प्रशासकीय विभाग ने इन कालमों को डालने का खेद ...

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महिलाओं को डायन बनाना समाज की कैसी मानसिकता है?

कई दफा अखबारों में पढ़ने को मिलता है, “अमुक गाँव में एक महिला को डायन कह कर हत्या कर दी गई”, “महिला को डायन बताकर गाँव में नंगा घुमाया गया”, “महिला को मैला पिलाया गया और डायन कह कर पीटा गया” आदि। ग्रामीण इलाकों में खासकर ऐसी चीज़ें देखने को मिलती हैं। ग्रामीणों का पहला टारगेट उन महिलाओं पर होता है, जो या तो अकेली ...

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