Honeypreet Insan Bail के बाद डेरा सच्‍चा सौदा में फिर सक्रिय

पंचकूला , Honeypreet Insan Bail से रिहा होने के बाद डेरा सच्‍चा सौदा (Dera Sachcha Sauda) में सक्रिय हो गई है। गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत अंबाला जेल से रिहा होने के बाद  25 महीने बाद सिरसा लौटी है। डेरा लौटने की खुशी उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी। हनीप्रीत ने काूननी सलाहकारों से मुलाकात की। इसके बाद उसने प्रबंधकों से डेरा सच्‍चा सौदा की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

दूसरी ओर, हरियाणा पुलिस हनीप्रीत पर फिर से शिकंजा कसने की तैयारी में है। हरियाणा पुलिस हनीप्रीत के खिलाफ दर्ज मामले में से देशद्रोह की धाराएं हटाने को हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि यह धारा हटने से ही Honeypreet Insan को जमानत मिली है।

हनीप्रीत ने बृहस्पतिवार शाम को डेरा में होने वाली नामचर्चा में हिस्सा लिया। नामचर्चा में डेरा श्रद्धालुओं ने भजन गाए और बाद में डेरा के ग्रंथ को पढ़ा गया। एक घंटे तक चली नामचर्चा के समापन पर डेरा अनुयायियों के साथ हनीप्रीत ने मेडिटेशन भी किया। हनीप्रीत डेरा की वाइस चेयरपर्सन शोभा इन्सां के साथ नामचर्चा के लिए पहुंची थी। कुछ ही देर में डेरा की चेयरपर्सन विपासना इन्सां भी पहुंच गई। हालांकि डेरा में हुई नामचर्चा का न ही लाइव प्रसारण किया गया और न ही रिकार्डिंग की गई। बता दें कि डेरा प्रमुख ने वर्ष 2009 में हनीप्रीत को गोद लिया था।

हनीप्रीत अंबाला जेल से रिहा होने के बाद बुधवार देर रात डेरा सच्‍चा सौदा पहुंची तो डेरा अनुयायियों ने उसका स्‍वागत किया। वह डेरा प्रमुख की गुफा तेरा आवास के पीछे बनी अपनी कोठी में है। यहां वह अपने परिजनों व डेरा प्रमुख की मां नसीब कौर के साथ रही। रात को उसने डेरा समर्थकों से भी मुलाकात की। बृहस्पतिवार सुबह हनीप्रीत ने अपने कानूनी सलाहकारों से मुलाकात की। उसने डेरा प्रबंधकों से मुलाकात कर डेरा की गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद वह डेरा में ही बनी आवासीय कालोनी में अपने पिता की कोठी में चली गई और दोपहर तक वहां रही।

दूसरी ओर, डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक मस्ताना महाराज के जन्मदिवस पर 12 नवंबर को होने वाले भंडारे की तैयारियों में डेरा प्रबंधन जुटा हुआ है। डेरा सच्चा सौदा के दोनों आश्रमों में रंग रोगन का काम किया जा रहा है, साथ ही रंग-बिरंगी लडिय़ां लगाकर सजावट की जा रही है। 12 नवंबर को आयोजित होने वाले भंडारे में हजारों डेरा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मस्ताना महाराज ने वर्ष 1947 में छोटी सी कुटिया के रूप में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की थी।

हनीप्रीत के जमानत पर आने के बाद उसके विश्वासपात्र डेरा में फिर से सक्रिय हो गए हैं। संभावना जताई जा रही है 12 नवंबर को होने वाले भंडारे में हनीप्रीत भी शामिल होगी। वहीं चर्चाएं हैं कि डेरा प्रमुख के बेटे जसमीत व बेटियों चरणप्रीत व अमरप्रीत ने फिलहाल हनीप्रीत से दूरियां बना रखी है।

जब डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर था तथा फिल्मों के निर्माण कार्य से जुड़ा था तो उस समय उसकी सारी दिनचर्या हनीप्रीत ही तय करती थी। डेरा प्रमुख को किससे मिलना है और कहां जाना है, यह सब भी वह ही तय करती थी। हनीप्रीत भी गुरमीत राम रहीम की तरह शाही वेशभूषा पहनती थी और पूरी शान-ओ-शौकत से रहती थी। अक्सर वह डेरा प्रमुख के साथ ही नजर आती थी।

हनीप्रीत के आसपास डेरे के सेवादारों व सुरक्षाकर्मियों का पहरा रहता था। डेरे में होने वाले बड़े आयोजनों व रूबरू नाइट्स में भी वह अहम भूमिका में रहती थी। डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी से पहले अगस्त 2017 में उसके 50वें जन्मदिन पर सात दिवसीय कार्यक्रम किया गया। इसकी मुख्य आयोजक हनीप्रीत ही थी। डेरा प्रमुख की फिल्म एमएसजी द लॉयन हार्ट में हनीप्रीत ने निर्देशन के साथ अभिनय के क्षेत्र में भी हाथ आजमाए थे।

दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने कहा कि हनीप्रीत सहित अन्य डेरा अनुयायियों पर देशद्रोह के तहत केस दर्ज होने की सबसे बड़ी वजह पंचकूला व सिरसा में हुई हिंसा थी। उन्होंने हरियाणा को खाक करने की साजिश रची थी। पुलिस उनके खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा कर रही थी। फिर न्यायालय में देशद्रोह की धाराएं कैसे हटीं, यह चिंता का विषय है।

अंशुल ने कहा कि सरकार व पुलिस को हिंसा व उपद्रव की जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी। यह सरकार व पुलिस की विफलता है। सरकार को तुरंत रिविजन पिटीशन दाखिल करने चाहिए। इस उपद्रव में करोड़ों रुपयों की संपत्ति जली और कई लोगों की जानें गई। इस मामले में दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।

दूसरी ओर, हरियाणा पुलिस पंचकूला में हिंसा व दंगे के मामले में हनीप्रीत व अन्‍य आरोपितों के खिलाफ दर्ज मामले में से देशद्रोह की धाराएं हटाए जाने के खिलाफ बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। पुलिस इसके खिलाफ हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर करेगी। एफआइआर नंबर-345 के मामले में पंचकूला पुलिस की ओर से रिवीजन पिटीशन तैयार की जा रही है।

बता दें कि 25 अगस्त 2017 को डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा दोषी ठहराने के बाद पंचकूला में दंगा और हिंसा भड़की थी। इसमें करीब 40 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने हनीप्रीत और अन्‍य आरोपितों के खिलाफ देशद्रोह सहित भादसं की विभिन्‍न धाराओं के तहत केस दज्र किया गया था। पिछले दिनों पंचकूला की अदालत ने इस एफअाइआइ नंबर 345 से देशद्रो ही धाराएं हटा दी थी। माना जा रहा है कि अदालत ने इसी कारण बुधवार को हनीप्रीत को जमानत दी।

पंचकूला के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पंकज गर्ग ने बताया कि 2 नवंबर को हनीप्रीत पर दंगे के आरोप पर देशद्रोह की धारा हटाने की ऑर्डर की कॉपी आने के बाद ही हमारी टीम ने पुनर्विचार याचिका पर काम शुरू कर दिया। अलग-अलग डॉक्यूमेंट देखे जा रहे हैं। पुनर्विचार याचिका की फाइल पंचकूला के पुलिस कमिश्‍नर कमलदीप गोयल को भेज दी गई है।

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