स्वीडन में COVID-19 से वृद्धों को बचाने की डॉ जोन टेलिंगर की आर-पार

(वर्षा ठाकुर)  Sweden:  लगभग एक करोड़ की आबादी वाले देश स्वीडन को COVID-19 ने चारों खाने चित्त कर दिया है। इस बीमारी से लगभग 3700 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। स्वीडन का COVID-19 से रिकवरी रेट नगण्य है।  हर एक मृत्यु पर रिकवरी मात्र 1.3 है जो कि  वैश्विक चिंता का विषय है। अगर यह किसी विकासशील देश में हुआ होता तो WHO और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं लगभग रोज़ एडवाइजरी निकाल रही होती।
स्वीडन में इतनी अधिक मृत्यु दर के लिए वहां की वामपंथी सरकार को जिम्मेदार माना जा रहा है जिसने कठोर निर्णय लेने की बजाय “herd-immunity” जैसे मनमौजी सिद्धांत को प्राथमिकता दी। ज्ञात हो “herd-immunity” की वजह से पहले ही ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन सरकार की फ़जीहत हो चुकी है और प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन जो स्वयं  COVID-19 से संक्रमित हो चुके हैं, उनकी भी अक्ल ठिकाने लग चुकी है।
COVID-19 जैसे अत्यधिक धातक संक्रमण में “herd-immunity” की अपेक्षा हमेशा से ही स्वीडन सरकार की एक मूर्खतापूर्ण नीति थी जिसमे जनमानस से यह अपेक्षा थी कि लोग अपने आसपास मृत्यु का ताण्डव देख कर भी सामान्य जीवन जीते रहेंगे। इसलिए अब स्वीडन के आम लोग सावधानी बरत रहे हैं जो कि स्वीडन की सरकार सात  सप्ताह पहले ही लागू कर सकती थी।
दुर्भाग्यवश स्वीडन में COVID-19 से अधिकांश वृद्धजन काल का ग्रास बन रहे हैं। स्वीडन की सरकार अस्पतालों में वृद्धजनों को ऑक्सीजन पहुँचाने में विफल रही है।  इसका खुलासा स्वीडन के नामी डॉक्टर जोन टेलिंगर ने किया है। डॉ  टेलिंगर के अनुसार स्वीडन की सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की आलोचना करने वाली आवाजों को कठोरता पूर्वक दबाया जा रहा है . इसलिए डॉ  टेलिंगर ने अपनी आवाज वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए  वेबसाइट ( www.drtallinger.se ) बनाई है ताकि स्वीडन की सरकार द्वारा वृद्धजनों के लिए ऑक्सीजन पर लगी रोक को खत्म किया जा सके।
डॉक्टर जोन टेलिंगर अस्पताल में भर्ती वृद्धजनों के लिए ऑक्सीजन को एक महत्वपूर्ण मानवाधिकार मानते हैं जो कि Right to Life और Right to Health का पूरक है।  स्वीडन   जिसका विकास के क्षेत्र में विश्व में अग्रणीय स्थान है 2019 IHDI रैंकिंग में में छठे नंबर नंबर पर है।  स्वीडन का अपने देश के वृद्धजनों को COVID-19 के समय में हाशिए पर ला देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।  बीते काफी समय से स्वीडन के मूल निवासी सरकार की वामपंथी नीतियों से काफी त्रस्त हैं।
COVID-19 के कारण स्वीडन के पडोसी देशो – नॉर्वे , डेनमार्क और फ़िनलैंड – ने स्वीडन से अपना बॉर्डर बंद कर लिया है।  ऐसे समय में स्वीडन के वृद्धों को ऑक्सीजन दिलाने की अपनी मुहिम के लिए डॉक्टर जोन टेलिंगर ने अपना भविष्य और कैरियर दांव पर लगा दिया है।  डॉ टेलिंगर को आशा है कि न केवल भारत बल्कि विश्व के सभी देशों के लोग उनके इस महायज्ञ का समर्थन करेंगे ताकि स्वीडन की सरकार पर दबाव बनाया जा सके और स्वीडन का  हर वृद्ध को जो कि अस्पताल में भर्ती है उसे ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके।

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