कानपुर में CAA के विरोध में हुई हिंसा पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

कानपुर। नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) के विरोध में कानपुर में भी जमकर हिंसा हुई थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग, आगजनी, पथराव और बमबाजी की थी। जिसमें तीन युवकों की मौत के अलावा दर्जनों लोग घायल हुए थे। पुलिस अब उपद्रव करने वाले लोगो ंको चिन्हित कर कार्रवाई शुरू कर दी है। चमनगंज में लोगों को भड़काने के आरोप में कांग्रेस के नेता व उनकी बेटी समेत करीब 35 नामजद और 400 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

60 दिनों से जारी है धरना
पुलिस ने कांग्रेसी नेता हाजी वसी और उनकी बेटी समेत 35 नामजद और 400 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। इन पर आरोप है कि 22 दिसंबर के बाद जब हिंसा रूकी तो इन लोगों ने चमनगंज इलाके की महिलाओं को प्रदर्शन करने के लिए भड़काया। उन्हें घर से बाहर आकर मोहम्मद अली पार्क पर धरने में बैठने को कहा। जिसका असर रहा कि पिछले 60 से ज्यादा दिनों से महिलाएं धरने पर डटी हैं। पिछले माह पुलिस ने इन प्रदर्शनकारी महिलाओं को किसी तरह से समझा कर धरना खत्म करा दिया था। लेकिन शाम के वक्त 50 से ज्यादा महिलाएं धरना स्थल पर पहुंच कर बैठ गई।

भड़काने का आरोप
जिले के डीएम और डीआईजी को जब इसकी जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंचे और महिलाओं को पार्क छोड़ देने को कहा। जिस पर प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। स्थानीय लोग भी सड़क पर उतर आए और चमनगंज रोड को जाम कर पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से प्रदर्शनकारियों पर काबू किया और महिलाओं को धरना स्थल पर बैठने का इजाजद दी। पुलिस का आरोप है कि इस पूरे खेल के पीछे इन्हीं लोगों का हाथ हैं।

गलत फंसाया गया
मामले पर कांग्रेसी नेता हाजी वसी ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे और हमारी बेटी के नाम पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जबकि बेटी दो माह से यहां पर नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मोहम्मदी अली पार्क में धरने पर बैठी महिलाओ को भड़काने का काम ना तो हमने किया और ना ही हमारे परिवार के किसी सदस्य ने। पुलिस ने फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। इसके खिलाफ हम वकीलों से बात कर जल्द ही कोर्ट जाएंगे।

कुछ इस तरह से बोले डीआईजी
डीआईजी अनंत देव तिवारी का कहना है कि शहर में धारा 144 लागू थी। इसके बावजूद भी शहर के पार्क में असंवैधानिक तरीके से महिलाओं का धरना चल रहा है। पुलिस और प्रशासन के द्वारा समझाने पर महिलाओं ने धरना खत्म कर दिया था। इसके बाद कुछ लोगों ने भड़का कर उन्हें सड़क पर धरना देने को कहा। शहर की कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश की.। इन लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी सिलसिले में चमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीआईजी के मुताबिक राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के अलावा पीएफआई संगठन से जुड़े कुछ सदस्य महिलाओं को धरना देने के लिए उकासा रहे हैं। पुलिस की नजर उन पर भी है। जो भी कानून अपने हाथ में लेगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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