गैरसैंण बजट सत्र में दूसरे दिन 12 विधेयक हुये पास

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की अगुवाई में कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़े तो बीजेपी विधायकों ने उन्हें गेट पर रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जोरदार नोकझोंक हुई। कांग्रेस लगातार आज दो अभी दो गैरसैंण राजधानी दो नारे के साथ गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग करती रही।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार गैरसैंण को लेकर राज्य की जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी के तौर पर विकसित कर लिया था, लेकिन भाजपा यहां मिनी सचिवालय बनवाने के नाम पर बच निकलना चाहती है। दूसरी ओर सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि सरकार पहले ही ग्रीष्मकालीन राजधानी की ओर बढ़ रही है। गैरसैंण का विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कांग्रेस पर राजधानी के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की भी सरकार रही है तो उन्होंने अपने समय में गैरसैंण को प्रदेश की स्थाई राजधानी क्यों नहीं बना दिया।

उधर, विपक्ष की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की चर्चा की मंजूरी दे दी। सदन में कार्यवाही के दौरान उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 की रिपोर्ट रखी गई। राज्य की विकास दर 2016-17 में 6.65 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई। जबकि 2017-18 में इसके 6.77 प्रतिशत वृद्धि रहने का अनुमान है।

सदन में एक ओर कांग्रेस ने हंगामा मचाये रखा तो वहीं सदन के बाहर सड़क पर स्थायी राजधानी संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों ने राज्यपाल का पुतला फूंका। दरअसल, आंदोलनकारी राज्यपाल के अभिभाषण में मिनी सचिवालय बनाने की बात को लेकर नाराज हैं। आंदोलनकारियों ने एक घंटे से सड़क मार्ग जाम किया।

सत्र के दूसरे दिन पास हुए ये विधेयक-

  1. उत्तराखंड लोकसेवकों के लिये वार्षिक स्थानान्तरण विधेयक पास। बना साल 2018 का पहला अधिनियम।
  2. उत्तराखंड आवासीय विवि संशोधन विधेयक।
  3. उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियम और सेवा शर्त) विधेयक।
  4. उत्तराखंड आधार (वित्तीय एवं अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) विधेयक।
  5. उत्तराखंड चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक।
  6. सराय अधिनियम (निरसन) विधेयक।
  7. उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक।
  8. उत्तराखंड (उ.प्र. संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910) (अनुकूलन एवं उपरान्तरण आदेश, 2002) (संशोधन) विधेयक।
  9. उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (अनुकूलन एवं उपरान्तरण आदेश, 2001) (संशोधन) विधेयक।
  10. उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959) (संशोधन) विधेयक।
  11. उत्तराखंड आयुर्वेद विवि (संशोधन) विधेयक।
  12. सरदार भगवान सिंह विवि विधेयक 2016, उत्तराखंड का वर्ष 2018 का 12वां अधिनियम बन गया है।

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