भारत से निकले हर विचार के केंद्र में मानव कल्याण-PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बुद्ध पूर्णिमा के अवसर परदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही नई दिल्ली में आयोजित बुद्ध जयंती समारोह का उद्धाटन करते हुए अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय इंटरनेशलन बुद्धिस्ट कन्फेडरेशन ( आईबीसी ) के साथ मिल कर कर रहा है। पीएम मोदी ने इस मौके पर भगवान बुद्ध और भारतीय संस्कृति पर अपने विचार रखे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विचार कभी भी किसी देश पर हमला करने का नहीं रहा है। भारत से निकले हर विचार के केंद्र में मानव कल्याण रहा है।

 पीएम मोदी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मंच से अपनी बात रखने के बाद भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र अवशेषों के दर्शन करेंगे, जिन्हें खासतौर से समारोह के लिए राष्ट्रीय संग्रहालय से इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम लाया गया है। भारत सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी पर्यटन मंत्री महेश शर्मा समेत भारत सरकार के कई मंत्री शामिल हुए हैं। इसके अलावा देश विदेश से भी बुद्ध धर्म से जुड़े कई बड़े संत भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे हैं। गौरतलब है कि मोदी ने 2015 में बुद्ध जयंती दिवस को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाए जाने की घोषणा की थी।

  • हम सब पर भगवान बुद्ध का आर्शीवाद है।
  • आज जब यहां से जाएं तो इस विचार से जाएं कि 2022 में जब भारत अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा होगा तो वो कौन से पांच या दस संकल्प होंगे जिन्हें आप पूरा करना चाहेंगे। ये विचार गौतम बुद्ध के विचारों का प्रसार से जुड़े हो सकते हैं।
  • ये हम सभी का सौभाग्य है कि 2.5 हजार सालों के बाद भी भगवान बुद्ध के विचार हमारे साथ हैं। 2.5 हजार सालों तक हमारे पूर्वजों ने इस विरासत को संजोए रखने के लिए है प्रयास किया है।
  • ये हम सभी का सौभाग्य है कि 2.5 हजार सालों के बाद भी भगवान बुद्ध के विचार हमारे साथ हैं।
  • दूसरे देशों से जुड़े बुद्ध धर्म के केंद्रों को विकसित करने के लिए भी भारतीय पुरातत्व विभाग मदद कर रहा है।
  • पर्यटन मंत्रालय द्वारा हर दो साल में एक बुद्धा कांन्फ्रेंस की जाती है। इन कार्यक्रमों का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हमारी संस्कृति विरासत पहुंचाना है।
  • ऐसे में सरकार एक बुद्धा सर्किट योजना पर काम कर रही है।
  • हमारे देश में करीब 18 राज्य ऐसे हैं जहां भगवान बुद्ध से जुड़े तीर्थ स्थल हैं। ऐसे में जो लोग इन स्थलों को देखने आ रहे हैं उनके लिए बहुत जरूरी है कि इन जगहों को विकसित किया जाए।
  • गुलामी के लंबे कालखंड के बाद अनेक वजह से हमारे यहां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए उतना काम नहीं हुआ जितना होना चाहिए था।
  • एक राजा का बेटा गरीब को देखता है तो उनके अंदर ये भाव आता है कि मैं इनसे अलग नहीं मैं इनमें से एक हूं।
  • ये इस धरती की विशेषता रही है और ये ही एक वजह भी है कि हिन्दुस्तान कभी भी आक्रांता नहीं रहा। कभी भी हमारे देश ने किसी दूसरे देश का अतिक्रमण नहीं किया है।
  • भारत से जो भी विचारधारा निकली वो पूरी मानव जाति के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ती गई।
  • कभी भी दूसरे के अधिकारों या उसके भावनाओं का अतिक्रमण नहीं किया गया।
  • भगवान बुद्ध का संदेश दूसरों को बदलने से पहले खुद को बदलें।

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