मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा के व्रत को करने के विधि, नियम और उपाय

सनातन परंपरा में प्रत्येक मास के शुक्लपक्ष की पंद्रहवीं तिथि यानि पूर्णिमा का बहुत ज्यादा धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व है. जब यही पूर्णिमा मार्गशीर्ष या फिर कहें अगहन मास में पड़ती तो इसका महत्व कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है. मान्यता है कि अगहन मास की पूर्णिमा पर जो कोई साधक सच्चे मन से श्री लक्ष्मीनारायण की पूजा करता है, वह श्री हरि की कृपा से सभी सुखों को प्राप्त करता हुआ अंत समय में मोक्ष को प्राप्त होता है. आइए आज मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा के व्रत को करने के विधि, नियम और उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

कैसे करें अगहन पूर्णिमा की पूजा

मार्गशीर्ष या फिर कहें अगहन पूर्णिमा पर आज स्नान-ध्यान करने के बाद आज सबसे पहले श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी को गंगा जल से स्नान कराएं और उसके बाद पीले आसन पर उन्हें बिठाकर पीले चंदन से तिलक करें. इसके बाद पीले पुष्प, पीली मिठाई आदि चढ़ाएं. इसके बाद अक्षत, धूप, दीप आदि दिखाने के बाद पूर्णिमा व्रत की कथा करें. इसके बाद ‘ॐ नमो भगवते वासु देवाय नम: स्वाहा इदं वासु देवाय इदं नमं’ मंत्र कहते हुए हवन सामग्री से 11, 21, 51, या 108 बार आहुति देकर हवन करें. पूजा के अंत में भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की श्रद्धा और विश्वास के साथ आरती करें और प्रसाद को अधिक से अधिक लोगों में बांटे और स्वयं भी ग्रहण करें.

अगहन मास की पूर्णिमा व्रत का महत्व

मान्यता है कि अगहन मास की पूर्णिमा का व्रत करने से व्यक्ति के लिए मोक्ष के मार्ग खुल जाते हैं. इस दिन की गई पूजा और दान से उसके जीवन से जुड़े सभी कष्ट दूर और कामनाएं पूरी होती हैं. अगहन मास की पूर्णिमा का व्रत एवं पूजा करने पर साधक को न सिर्फ भगवान श्री नारायण बल्कि माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. अगहन मास की पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने पर व्यक्ति अनंत सुखों की प्राप्ति होती है और उसके जीवन से सभी दोष दूर हो जाते हैं.

  1. अगहन पूर्णिमा पर पूजा के साथ दान करने का बहुत ज्यादा महत्व है. मान्यता है कि अगहन पूर्णिमा पर दान करने से व्यक्ति को 32 गुना ज्यादा शुभ फल की प्राप्ति होती है. ऐसे में आज जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र, धन आदि का दान करें.
  2. अगहन पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से व्रत रखने पर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं.
  3. कुंडली के चंद्र दोष को दूर करने के लिए आज अगहन मास की पूर्णिमा पर चंद्रमा के उदय होते समय दूध में गंगाजल, अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें. इस उपाय को करते समय ‘ॐ सों सोमाय नमः’ मंत्र जप जरूर करें.

About न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

News Trust of India न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

ăn dặm kiểu NhậtResponsive WordPress Themenhà cấp 4 nông thônthời trang trẻ emgiày cao gótshop giày nữdownload wordpress pluginsmẫu biệt thự đẹpepichouseáo sơ mi nữhouse beautiful