खटीमाः एक साल में 50 किलो से अधिक चरस बरामद

खटीमा: सीमांत जिला चंपावत अपनी भौगोलिक स्थिति और सुदूर जंगलों में चोरी छिपे होने वाली भांग की खेती के चलते चरस तस्करों का अड्डा बन चुका है. जिले की लगभग 90 किलोमीटर की सीमा नेपाल से लगी होने के कारण कई मार्गों से भारत और नेपाल की आम जनता का आना-जाना होता है. साथ ही इन मार्गों से दोनों देशों में नशे का गोरखधंधे जोर पकड़ रहा है. चरस तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चंपावत पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर साल भर में 47 से ज्यादा मुकदमे दर्ज कर 50 किलो से अधिक चरस बरामद की है.

पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि पुलिस ने सीमा पर तैनात सीओ के साथ सूचनाओं का तालमेल रखते हुए तस्करों के खिलाफ कई कार्यों में सफलता पाई है. साथ ही ये अभियान आगे भी जारी रहेगा.

इस वर्ष बनबसा थाने में 14 मुकदमे दर्ज हुए, जिसमें 15 किलो चरस बरामद हुई है. टनकपुर कोतवाली में 8 केस दर्ज कर 12 किलो चरस बरामद की गई. पाटी थाने में 6 मुकदमे दर्ज कर 9 किलो चरस बरामद किया गया. वहीं, चम्पावत थाने में 9 मुकदमे दर्ज कर 12 किलो चरस बरामद किया गया.

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