हरियाणा चुनाव में टिकट लेने के लिए मचा घमासान

हरियाणा भाजपा में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) का टिकट लेने के लिए घमासान मचा हुआ है. सभी बड़े नेता अपने-अपने समर्थकों और बेटों को टिकट दिलाने की लिए रस्साकशी कर रहे हैं. तो दूसरी पार्टियों में विधायक पद त्याग कर आए नेता भी बदले में टिकट लेने वालों की लाइन में खड़े हो गए हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह (Rao Inderjeet Singh) ने एलान कर दिया है कि वो दूसरी पार्टियों से बगावत करके बीजेपी में आए नेताओं को टिकट नहीं लेने देंगे. इस समय प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा (Haryana) में संघ से जुड़े नेताओं और यहां के तीनों केंद्रीय मंत्रियों के यहां टिकटार्थियों का तांता लगा हुआ है.

दरअसल, अभी तक के जो हालात हैं उसमें  बीजेपी का सियासी पलड़ा भारी दिख रहा है. यही देखकर इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के 10 वर्तमान विधायक बीजेपी (BJP) में आ चुके हैं. जबकि बसपा (BSP) का एकमात्र विधायक भी अपनी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुका है. ये सभी टिकट (Ticket) के चक्कर में जुगाड़ लगा रहे हैं. दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर सहित कई नेता अपने बेटे के लिए टिकट चाहते हैं. कृष्णपाल के बेटे के नाम के होर्डिंग लग गए हैं.

इन हालात के बीच दक्षिण हरियाणा के सबसे बड़े बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. राव इंद्रजीत का कहना है कि बहुत से नेता कांग्रेस और इनेलो का सत्यानाश करके बीजेपी में आए हैं. पार्टी को ऐसे नेताओं से सचेत रहने की जरूरत है. ऐसे नेताओं को टिकट न मिले. अपनी बात रखने के लिए राव ने बाकायदा गुरुग्राम में प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी बात रख दी है. इसमें राव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद दूसरी पार्टियों से बीजेपी में आए नेताओं को टिकट देने पर विचार न किया जाए. क्योंकि वो पार्टी की हवा देखकर आए हैं. उन्होंने कहा कि बुरे वक्त में बीजेपी का साथ देने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट देनी चाहिए.

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार नवीन धमीजा का कहना है कि ज्यादातर सांसद अपने बेटा-बेटी और पत्नी के लिए टिकट चाहते हैं. राव इंद्रजीत अपनी बेटी को टिकट दिलवाना चाहते हैं तो पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह अपनी पत्नी को. पार्टी कार्यकर्ता तो दूसरी पार्टियों के बागियों और बड़े नेताओं के बेटा-बेटियों के लिए झंडा-बैनर उठाएंगे.

कुछ वर्तमान विधायकों की कट सकती है टिकट!

पार्टी सूत्रों का कहना है कि अच्छे परिणाम के लिए करीब 30 फीसदी वर्तमान विधायकों के टिकट पर कैंची चल सकती है, ताकि जनता के किसी भी तरह के विरोध का सामना न करना पड़े. नए प्रत्याशी होने से लोगों का गुस्सा काफी हद तक कम हो जाता है. पार्टी पहले भी यह फार्मूला अपना चुकी है. पूरे हरियाणा में पार्टी के लोग चाहते हैं कि बेटा-बेटी और बाहरियों की जगह संगठन को यहां तक पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाए. हालांकि, इस घमासान के बारे में कोई भी पार्टी नेता कुछ खुलकर नहीं बोल रहा.

युवा मोर्चा ने भी मांगी टिकट

बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष यादव का कहना है कि उन्होंने पार्टी के सामने यह बात रखी है कि युवा मोर्चा के जो योग्य कार्यकर्ता हैं उन्हें टिकट दी जाए. पार्टी प्रवक्ता राजीव जेटली का कहना है कि टिकट के लिए कोई घमासान नहीं है. सबका लक्ष्य 75 से ज्यादा सीटें जीतने का है. टिकट के लिए पार्टी का एक सिस्टम है. बैठकर वरिष्ठ नेता इस बारे में फैसला लेंगे. उधर, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला (Subhash Barala) ने कहा है कि भाजपा किसी भी जल्दबाजी में टिकट की घोषणा नहीं करेगी. आचार संहिता लगने के बाद पार्टी की बैठक होगी फिर टिकटों का वितरण किया जाएगा.

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